BHU UG Admission: बीएचयू में 1500 सीटें खाली, 14 दस्तावेज नहीं हुए तो अटक सकता है दाखिला

वाराणसी: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। चौथे चरण का सीट आवंटन जारी है और विश्वविद्यालय में करीब 1500 सीटें अभी खाली हैं। बीएचयू ने पांच सितंबर के बाद स्नातक कक्षाएं शुरू करने की तैयारी की है। दाखिले के लिए चयनित अभ्यर्थियों का तीन से पांच सितंबर के बीच विभागों में भौतिक सत्यापन होगा। इस दौरान अभ्यर्थियों को 14 प्रमाण पत्र और दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेज पूरे नहीं होने पर दाखिला निरस्त किया जा सकता है।

20 अगस्त को जारी होगी खाली सीटों की सूची

बीएचयू की केंद्रीय प्रवेश समिति ने स्नातक प्रवेश के दूसरे चरण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। 20 अगस्त को स्पॉट राउंड के लिए खाली सीटों की सूची जारी होगी। इसके बाद 21 से 24 अगस्त तक स्पॉट रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल खुला रहेगा।

पहले स्पॉट राउंड का सीट आवंटन 25 अगस्त को किया जाएगा। यदि इसके बाद भी सीटें खाली रहती हैं तो 29 अगस्त को दूसरे स्पॉट राउंड के लिए रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। 20 अगस्त को ही जीडीपीआई वाले पाठ्यक्रमों की पहली सीट आवंटन सूची भी जारी की जाएगी। इन पाठ्यक्रमों में करीब 1200 सीटें हैं।

दो सितंबर को मिलेगा एडमिशन लेटर

स्नातक प्रवेश के लिए चयनित अभ्यर्थियों को दो सितंबर को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। इसके बाद तीन से पांच सितंबर तक संबंधित विभागों में अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग, भौतिक सत्यापन और काउंसलिंग होगी।

भौतिक सत्यापन के दौरान अभ्यर्थियों को 14 प्रपत्र और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें से किसी दस्तावेज के उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में प्रवेश निरस्त किया जा सकता है। इसलिए चयनित अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित सभी दस्तावेज लेकर निर्धारित समय पर विभाग में पहुंचना होगा।

पीजी मॉपअप राउंड की फीस जमा करने का लिंक खुला

बीएचयू में स्नातकोत्तर प्रवेश के मॉपअप राउंड में चयनित अभ्यर्थियों के लिए मंगलवार को फीस जमा करने का लिंक खोल दिया गया। विश्वविद्यालय की ओर से सभी चयनित अभ्यर्थियों को लिंक भेजा गया है। फीस जमा करने की अंतिम समय सीमा 20 अगस्त की रात 11 बजकर 59 मिनट तक निर्धारित की गई है।

सामान्य पाठ्यक्रमों में विदेशी छात्रों के लिए आयु सीमा नहीं

बीएचयू के सामान्य पाठ्यक्रमों में विदेशी छात्रों के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं है। विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों के आवेदनों की संख्या बढ़ने के पीछे यह भी एक वजह बताई गई है। हालांकि, मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में आयु सीमा निर्धारित है।

निर्धारित 25 प्रतिशत सीटों में से पांच प्रतिशत सीटें एनआरआई के बच्चों और पांच प्रतिशत सीटें खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के बच्चों के प्रवेश के लिए रखी जाएंगी। शुल्क का वर्गीकरण सार्क और गैर-सार्क देशों के आधार पर किया गया है और अलग-अलग पाठ्यक्रमों की फीस भी इसी वर्गीकरण के अनुसार निर्धारित है।

पिछली परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक हासिल करना प्रवेश के लिए अनिवार्य अर्हता रखी गई है।

 

Related posts